सौरव गांगुली,पूर्व भारतीय कप्तान, पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है।उनको 2004 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया है ये बहुत बड़ी उपलब्धि है
भारत में ऐसा कोई नही है जो सौरव गांगुली को नही जानता हो चाहे वो कोई भी इंडस्ट्रीज़ से हो सौरव गांगुली का पूरा नाम सौरव चंडीदास गांगुली है इनका जन्म, 8 जुलाई 1972 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ सौरव गांगुली को महाराजा, प्रिंस ऑफकोलकाता, और बंगाल टाइगर ,दादा,जैसे नामो से विश्व भर में प्रख्यात है दादा के पिता कोलकाता के रईसों में गिने जाते थे तो जाहिर है उनके पचपन भी ऐसो आराम में बीती होगी उनकी पढ़ाई ( st. Xavier's ) कॉलेज से हुई थी बचपन मे उनको फुटबाल का बहुत शौक था और एक अच्छे फुटबॉल प्लेयर भी थे क्रिकेट खेलने के लिए उनके बड़े भाई ने उन्हें मोटीवेट किया था
क्योंकि वो भी रणजी प्लेयर रह चुके है
फिर क्या था सौरव भी देखते देखते क्रिकेट में सीरियस हो गए और उन्होंने वो मोकाम हासिल किया जो हर किसी के लिए बहुत मुश्किल है
भारत में ऐसा कोई नही है जो सौरव गांगुली को नही जानता हो चाहे वो कोई भी इंडस्ट्रीज़ से हो सौरव गांगुली का पूरा नाम सौरव चंडीदास गांगुली है इनका जन्म, 8 जुलाई 1972 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ सौरव गांगुली को महाराजा, प्रिंस ऑफकोलकाता, और बंगाल टाइगर ,दादा,जैसे नामो से विश्व भर में प्रख्यात है दादा के पिता कोलकाता के रईसों में गिने जाते थे तो जाहिर है उनके पचपन भी ऐसो आराम में बीती होगी उनकी पढ़ाई ( st. Xavier's ) कॉलेज से हुई थी बचपन मे उनको फुटबाल का बहुत शौक था और एक अच्छे फुटबॉल प्लेयर भी थे क्रिकेट खेलने के लिए उनके बड़े भाई ने उन्हें मोटीवेट किया था
क्योंकि वो भी रणजी प्लेयर रह चुके है
फिर क्या था सौरव भी देखते देखते क्रिकेट में सीरियस हो गए और उन्होंने वो मोकाम हासिल किया जो हर किसी के लिए बहुत मुश्किल है
क्रिकेट करियर
गांगुली को क्रिकेट की दुनिया में आगे लाने में उनके बड़े भाई स्नेहाशीष का बहुत योगदान है सौरव एक बाये हाथ के बल्लेबाज और दाये हाथ के मध्यम गति के बॉलर थे
सौरव को भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक माना जाता है, और अब तक के सबसे महान वनडे बल्लेबाजों में से एक है। उन्होंने राज्य और स्कूल की टीमों में खेलकर अपने करियर की शुरुआत की थी। सचिन तेंदुलकर के बाद वह एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (वनडे) में भारतीय टीम के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बने थे जिन्होंने १० हजार से ज्यादा रन बनाये थे। २००२ में, विजडन क्रिकेटर्स अलमैनैक ने उन्हें विव रिचर्ड्स, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, डीन जोन्स और माइकल बेवनके बाद छठे सबसे बड़े वनडे बल्लेबाज का दर्जा दिया।
सौरव को भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक माना जाता है, और अब तक के सबसे महान वनडे बल्लेबाजों में से एक है। उन्होंने राज्य और स्कूल की टीमों में खेलकर अपने करियर की शुरुआत की थी। सचिन तेंदुलकर के बाद वह एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (वनडे) में भारतीय टीम के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बने थे जिन्होंने १० हजार से ज्यादा रन बनाये थे। २००२ में, विजडन क्रिकेटर्स अलमैनैक ने उन्हें विव रिचर्ड्स, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, डीन जोन्स और माइकल बेवनके बाद छठे सबसे बड़े वनडे बल्लेबाज का दर्जा दिया।
दादा को गांगुली सिक्सर के नाम से भी जाना जाता है
सन २००० में सचिन तेंदुलकर ने कप्तानी त्याग दी, जिसके कारण गांगुली को कप्तान बनाया गया। सौरव ने २००३ विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत को विश्व कप फायनल में ऑस्ट्रेलिया से हर का सामना करना पड़ा उसी वर्ष बाद में खराब प्रदर्शन के कारण सौरव गांगुली को टीम से निकाला गया। सन २००४ में इन्हें पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया जो की भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में से है। २००६ में सौरव गांगुली की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसी समय इंडिया के कोच ग्रैग चैपल के साथ विवादों में आये और जो कि चैपल को गांगुली ने है भारतीय कोच बनाने के पछ में थे विवादों के कारण दादा को टीम से बाहर रखा गया लेकिन २००७ क्रिकेट विश्व कप में खेलने के लिए चयन हुआ
सायद गांगुली दो साल और खेलते उनका क्रिकेट करियर हाने कारण चैपल हो सकते है ये मेरा मानना है
इंटरनेशनल टेस्ट डेब्यू 20 जून 1996, इंग्लैंड के खिलाफ लॉडस
अंतिम टेस्ट 6 नवम्बर 2008 अगेंस्ट ऑस्ट्रेलिया।
वनडे डेब्यू 11 जनवरी 1992 वेस्टइंडीज़
अंतिम वनडे 15 नवम्बर पाकिस्तान ।
टेस्ट कैप नंबर 207
वनडे कैप 85
सन २००० में सचिन तेंदुलकर ने कप्तानी त्याग दी, जिसके कारण गांगुली को कप्तान बनाया गया। सौरव ने २००३ विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत को विश्व कप फायनल में ऑस्ट्रेलिया से हर का सामना करना पड़ा उसी वर्ष बाद में खराब प्रदर्शन के कारण सौरव गांगुली को टीम से निकाला गया। सन २००४ में इन्हें पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया जो की भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में से है। २००६ में सौरव गांगुली की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसी समय इंडिया के कोच ग्रैग चैपल के साथ विवादों में आये और जो कि चैपल को गांगुली ने है भारतीय कोच बनाने के पछ में थे विवादों के कारण दादा को टीम से बाहर रखा गया लेकिन २००७ क्रिकेट विश्व कप में खेलने के लिए चयन हुआ
सायद गांगुली दो साल और खेलते उनका क्रिकेट करियर हाने कारण चैपल हो सकते है ये मेरा मानना है
इंटरनेशनल टेस्ट डेब्यू 20 जून 1996, इंग्लैंड के खिलाफ लॉडस
अंतिम टेस्ट 6 नवम्बर 2008 अगेंस्ट ऑस्ट्रेलिया।
वनडे डेब्यू 11 जनवरी 1992 वेस्टइंडीज़
अंतिम वनडे 15 नवम्बर पाकिस्तान ।
टेस्ट कैप नंबर 207
वनडे कैप 85
मैच सूची
@@@@ टेस्ट वनडे फस्ट क्लास लिस्ट ए
मैच। 113, 311, 254, 437
रन। 7212, 11368, 15687, 15622
औसत। 42.17,, 41.02,, 44.18,, 43.32
100/50 16/35, 22/72 33/89 31/97,
उच्च स्कोर। 239, 183, 239, 183,
विकेट। 132, 100, 167, 171,
बोलिंग। 3/28 5/16 6/46 5/16
रिलेशन
पिता। चंडीदास गांगुली
माता। निरूपा गांगुली
भाई। स्नेहासीस गांगुली
बहन। N /A
पत्नी। डोना रॉय गांगुली
पुत्र/पुत्री। सना गांगुली
धर्म। हिन्दू,
लोकल। बंगाली
नशनलिटी। भारत
शौक। म्यूसिक,फुटबॉल
उपलब्धिया
(१) कप्तानी वनडे 146 मैचों 76 जीत 65 हार,0 टाई
(२) कप्तानी टेस्ट 49 मैचों 21 जीत 13 हार,0 टाई 15 ड्रा
(३) टेस्ट मैच में भारत के बाहर सबसे सफल कप्तान 28 में से 11 जीत
(४) विश्वकप के किसी भी मैच में सबसे ज्यादा रन एक पारी में 183 रन
(५) ICC चैंपियन ट्राफी में 3 सतक लगाने वाले पहले भारतीय बने
(६) उन पांच किरकेटरो में नाम शामिल करवाया है जो 10,000 हजार रन 1,00 कैच ,1,00 विकेट लिए हो
(७) दुनिया के 14 खिलाड़ियों के नमो में शामिल है जो 1,00 से ज्यादा टेस्ट और 300 से ज्यादा वनडे खेले हो
(८) सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी में भरतीय खिलाड़ी में दूसरे नंबर पर 11,368 रन,
(९) टेस्ट के पहली पारी 100 रन की पारी खेली
2004 में पद्मश्री से सम्मानित
बंगाल क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में शामिल थे
(१०) 23 ऑक्टोबर 2019,को BCCI के अध्यक्ष पद पर कार्यस्थ है
जाने पृथ्वी शॉ का जीवनी इंडियन क्रिकेट टीम तक का सफर
उपलब्धिया
(१) कप्तानी वनडे 146 मैचों 76 जीत 65 हार,0 टाई
(२) कप्तानी टेस्ट 49 मैचों 21 जीत 13 हार,0 टाई 15 ड्रा
(३) टेस्ट मैच में भारत के बाहर सबसे सफल कप्तान 28 में से 11 जीत
(४) विश्वकप के किसी भी मैच में सबसे ज्यादा रन एक पारी में 183 रन
(५) ICC चैंपियन ट्राफी में 3 सतक लगाने वाले पहले भारतीय बने
(६) उन पांच किरकेटरो में नाम शामिल करवाया है जो 10,000 हजार रन 1,00 कैच ,1,00 विकेट लिए हो
(७) दुनिया के 14 खिलाड़ियों के नमो में शामिल है जो 1,00 से ज्यादा टेस्ट और 300 से ज्यादा वनडे खेले हो
(८) सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी में भरतीय खिलाड़ी में दूसरे नंबर पर 11,368 रन,
(९) टेस्ट के पहली पारी 100 रन की पारी खेली
2004 में पद्मश्री से सम्मानित
बंगाल क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में शामिल थे
(१०) 23 ऑक्टोबर 2019,को BCCI के अध्यक्ष पद पर कार्यस्थ है
जाने पृथ्वी शॉ का जीवनी इंडियन क्रिकेट टीम तक का सफर


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