क्रिकेट खिलाडीपृथ्वी शॉ बहुत कम आयु से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था पृथ्वी शॉ का जन्म 9 नवम्बर 1999 को
हुआ था
पृथ्वी शॉ भारतीय किरकेटर है वो भारत के लिए ओपनिंग सुरुआत करते है पृथ्वी देहिने हाथ के सलामी बल्लेबाज और काम चलाऊ दाये हाथ के स्पिन बॉलर है
जब वह 4 साल के थे। तभी उनकी मां का निधन हो गया था जिससे वह काफी अकेला महसूस करने लगे थे उस एकांत को दूर करने के लिए पृथ्वी शॉ का पालन पोषड उनके पिता ने ही किया पृथ्वी शॉ एक बहुत ही मेहनती खिलाड़ी हैं जिसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि
2013 में उन्होंने 1901 के बाद किसी भी संगठित रूप से किसी भी बल्लेबाज के ओर से एलीट डिवीजन मैच में 546 रन बनाये
उन्होंने दिलीप ट्राफी में भी सबसे कम उम्र में ही शतक बनाकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. शॉ ने 2017 में एक मैच में इंडिया रेड टीम की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए 154 रन बनाये थे, उस वक्त शॉ की आयु महज 17 साल थी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि यह उनका डेब्यू मैच था। शॉ से पूर्व यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था।
पृथ्वी ने मुंबई के सहारा परिसर बीरां में अपने कैरियर की शुरूआत की थी. यहां बीरां टूर्नामेंट में मुंबई की ओर से धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए शॉ ने जीत दिलाई थी. शॉ ने मंबई के एमआईजी क्लब में कोचिंग ली, इस कोचिंग में देश के होनहार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर अभ्यास करत थे। इस क्लब में पृथ्वी ने रीगल मैदन में प्रशिक्षक पिंलकुंगार की देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
पृथ्वी शॉ को 2010 में AAP इंटटेन्मेंट की तरफ से स्पॉन्सर किया गया इस छत्रवित्री के बदौलत उन्हें क्रिकेट साथ साथ एजुकेशन में हेल्प मिला बाद में इंडियन ऑयल कंपनी ने भी
पृथ्वी को स्पॉन्सर किया था ।औऱ ( SG GROUP) की ओर से 36 लाख का विज्ञापन मिला था
वर्ष 2011 में, उन्हें पोली उमरीगर इलेवन के लिए खेलने के लिए चुना गया था।
पृथ्वी शॉ ने 2012 में स्कूलों के बीच होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट
हैरिस शील्ड ट्रॉफी में अपने स्कूल रिजवी कॉलेज की और से खेलते हुए
उन्होंने सेमीफाइनल में 155 रन और फाइनल में 174रन बनाकर न सिर्फ अपने स्कूल को विजेता बनने में मदद तो की ही कप्तानी का भी बेहतरीन नमूना पेश कुया।
वर्ष 2013 में वापिस फिर से हैरिस शिल्ड कप के मैच में वह (रिजवी कॉलेज बांद्रा,) की तरफ से खेल रहे थे, उसमें पृथ्वी शॉ ने 330 गेंदो पर 556 रनों का विशाल स्कोर बनाया था. यह मैच उनके कैरियर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हुआ हालांकि ये रिकॉर्ड बाद में प्रवण धनवाड़े ने 1000 रन के साथ तोड़ कर
एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनगए
पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी में अपना पहला सतक 2016-17 में तमिलनाडु के खिलाफ बनाया था
पृथ्वी शॉ ने एक और कारनामा 2018 में किया जब पृथ्वी शॉ
अपनी कप्तानी में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम को 2017-18 अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीताया साथ ही सबसे कम उम्र के कप्तान बनगए विश्वकप जितने वाले जिसके कोच क्रकेट के दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ थे।
पृथ्वी शॉ को खेल कंपनी (SG से मिला 36 लाख का विज्ञापन
पृथ्वी शॉ को 2018 इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में दिल्लीडेयरडेविल्स फ्रेंचाइजी ने 1करोड़ 20 लाख में खरीदा था और इन्होंने अपने दूसरे ही मैच में संयुक्त रूप से सबसे कम 18 साल 169 दिनों की आयु में आईपीएल में अर्धशतक बनाया है। इससे पहले इतनी ही आयु में संजुसैमसन ने अर्धशतक बनाया था।
उनके पिता (पंकज शॉ) ने पृथ्वी के करियर के लिए बहुत कुछ बलिदान किया। उन्होंने अपने बढ़ते परिधान कारोबार को बंद कर दिया, जहां वह थोक विक्रेताओं से परिधान खरीदते थे और सूरत और बड़ौदा में बेचते थे।
जब पृथ्वी को छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हुई, तो उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। जिसके चलते शिवसेना के विधायक संजय पोटनीस ने उन्हें वोकला में एक घर दिया, जो बांद्रा में उनके ट्रेनिंग ग्राउंड के समीप था उसके पहले पृथ्वी विरार में रहते थे वहा से बांद्रा डेली आने जाने में बहुत दिक्कतों सामना करना पड़ता था
उनके पिता ने पृथ्वी के लिए कलिना में एयर इंडिया के मैदान पर गेंदबाजी करते हुए, एक अभ्यास गेंदबाज के रूप में भी कार्य किया है।
हुआ था
पृथ्वी शॉ भारतीय किरकेटर है वो भारत के लिए ओपनिंग सुरुआत करते है पृथ्वी देहिने हाथ के सलामी बल्लेबाज और काम चलाऊ दाये हाथ के स्पिन बॉलर है
जब वह 4 साल के थे। तभी उनकी मां का निधन हो गया था जिससे वह काफी अकेला महसूस करने लगे थे उस एकांत को दूर करने के लिए पृथ्वी शॉ का पालन पोषड उनके पिता ने ही किया पृथ्वी शॉ एक बहुत ही मेहनती खिलाड़ी हैं जिसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि
2013 में उन्होंने 1901 के बाद किसी भी संगठित रूप से किसी भी बल्लेबाज के ओर से एलीट डिवीजन मैच में 546 रन बनाये
उन्होंने दिलीप ट्राफी में भी सबसे कम उम्र में ही शतक बनाकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. शॉ ने 2017 में एक मैच में इंडिया रेड टीम की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए 154 रन बनाये थे, उस वक्त शॉ की आयु महज 17 साल थी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि यह उनका डेब्यू मैच था। शॉ से पूर्व यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था।
पृथ्वी ने मुंबई के सहारा परिसर बीरां में अपने कैरियर की शुरूआत की थी. यहां बीरां टूर्नामेंट में मुंबई की ओर से धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए शॉ ने जीत दिलाई थी. शॉ ने मंबई के एमआईजी क्लब में कोचिंग ली, इस कोचिंग में देश के होनहार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर अभ्यास करत थे। इस क्लब में पृथ्वी ने रीगल मैदन में प्रशिक्षक पिंलकुंगार की देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
पृथ्वी शॉ को 2010 में AAP इंटटेन्मेंट की तरफ से स्पॉन्सर किया गया इस छत्रवित्री के बदौलत उन्हें क्रिकेट साथ साथ एजुकेशन में हेल्प मिला बाद में इंडियन ऑयल कंपनी ने भी
पृथ्वी को स्पॉन्सर किया था ।औऱ ( SG GROUP) की ओर से 36 लाख का विज्ञापन मिला था
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वर्ष 2011 में, उन्हें पोली उमरीगर इलेवन के लिए खेलने के लिए चुना गया था।
पृथ्वी शॉ ने 2012 में स्कूलों के बीच होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट
हैरिस शील्ड ट्रॉफी में अपने स्कूल रिजवी कॉलेज की और से खेलते हुए
उन्होंने सेमीफाइनल में 155 रन और फाइनल में 174रन बनाकर न सिर्फ अपने स्कूल को विजेता बनने में मदद तो की ही कप्तानी का भी बेहतरीन नमूना पेश कुया।
वर्ष 2013 में वापिस फिर से हैरिस शिल्ड कप के मैच में वह (रिजवी कॉलेज बांद्रा,) की तरफ से खेल रहे थे, उसमें पृथ्वी शॉ ने 330 गेंदो पर 556 रनों का विशाल स्कोर बनाया था. यह मैच उनके कैरियर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हुआ हालांकि ये रिकॉर्ड बाद में प्रवण धनवाड़े ने 1000 रन के साथ तोड़ कर
एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनगए
पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी में अपना पहला सतक 2016-17 में तमिलनाडु के खिलाफ बनाया था
पृथ्वी शॉ ने एक और कारनामा 2018 में किया जब पृथ्वी शॉ
अपनी कप्तानी में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम को 2017-18 अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीताया साथ ही सबसे कम उम्र के कप्तान बनगए विश्वकप जितने वाले जिसके कोच क्रकेट के दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ थे।
पृथ्वी शॉ को खेल कंपनी (SG से मिला 36 लाख का विज्ञापन
पृथ्वी शॉ को 2018 इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में दिल्लीडेयरडेविल्स फ्रेंचाइजी ने 1करोड़ 20 लाख में खरीदा था और इन्होंने अपने दूसरे ही मैच में संयुक्त रूप से सबसे कम 18 साल 169 दिनों की आयु में आईपीएल में अर्धशतक बनाया है। इससे पहले इतनी ही आयु में संजुसैमसन ने अर्धशतक बनाया था।
उनके पिता (पंकज शॉ) ने पृथ्वी के करियर के लिए बहुत कुछ बलिदान किया। उन्होंने अपने बढ़ते परिधान कारोबार को बंद कर दिया, जहां वह थोक विक्रेताओं से परिधान खरीदते थे और सूरत और बड़ौदा में बेचते थे।
जब पृथ्वी को छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हुई, तो उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। जिसके चलते शिवसेना के विधायक संजय पोटनीस ने उन्हें वोकला में एक घर दिया, जो बांद्रा में उनके ट्रेनिंग ग्राउंड के समीप था उसके पहले पृथ्वी विरार में रहते थे वहा से बांद्रा डेली आने जाने में बहुत दिक्कतों सामना करना पड़ता था
उनके पिता ने पृथ्वी के लिए कलिना में एयर इंडिया के मैदान पर गेंदबाजी करते हुए, एक अभ्यास गेंदबाज के रूप में भी कार्य किया है।


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